अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू बाजारों में चांदी (Silver) इस समय जबरदस्त चर्चा में है। बीते कुछ हफ्तों से चांदी की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है, जिसने निवेशकों, सर्राफा कारोबारियों और आम खरीदारों सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। मौजूदा हालात में चांदी न केवल एक कीमती धातु के रूप में बल्कि मजबूत निवेश विकल्प के तौर पर उभरकर सामने आई है।
📊 अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का हाल
वैश्विक बाजार की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी की कीमतें $100 प्रति औंस के पार बनी हुई हैं। कुछ ट्रेडिंग सेशंस में चांदी ने $105–$110 प्रति औंस तक का स्तर भी छुआ, जो अब तक के उच्चतम स्तरों में से एक माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर डॉलर ने चांदी को मजबूती प्रदान की है।
🇮🇳 भारत में चांदी की कीमत (Silver Price in India)
भारत में भी चांदी के भाव लगातार ऊँचाई की ओर बढ़ रहे हैं। सर्राफा बाजार और MCX (Multi Commodity Exchange) पर चांदी की कीमतें रिकॉर्ड के आसपास कारोबार कर रही हैं।
👉 आज भारत में चांदी का औसत भाव
- ₹3,15,000 से ₹3,35,000 प्रति किलोग्राम (MCX / बड़े शहर)
- ₹315 से ₹335 प्रति ग्राम
- कुछ शहरों जैसे जयपुर, दिल्ली और मुंबई में चांदी ₹3,40,000 प्रति किलोग्राम के करीब भी देखी गई
(नोट: कीमतें शहर, टैक्स और बाजार के अनुसार बदल सकती हैं)
📈 कीमतों में तेजी के पीछे क्या कारण?
विशेषज्ञों के मुताबिक चांदी की कीमतों में इस तेज़ी के पीछे कई बड़े कारण हैं:
1️⃣ वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
दुनिया भर में मंदी की आशंका और आर्थिक अस्थिरता के चलते निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में सोने के साथ-साथ चांदी की मांग भी बढ़ी है।
2️⃣ डॉलर में कमजोरी
अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी का सीधा फायदा कीमती धातुओं को मिलता है। डॉलर कमजोर होते ही चांदी जैसी कमोडिटी अधिक आकर्षक बन जाती है।
3️⃣ औद्योगिक मांग में ज़बरदस्त उछाल
चांदी का उपयोग सिर्फ आभूषणों तक सीमित नहीं है।
- सोलर पैनल
- इलेक्ट्रॉनिक्स
- इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV)
- मेडिकल उपकरण
इन सभी सेक्टर्स में चांदी की मांग तेज़ी से बढ़ रही है, जिससे कीमतों को मजबूत सपोर्ट मिल रहा है।
4️⃣ महंगाई से बचाव का हथियार
महंगाई के दौर में निवेशक अपनी पूंजी की सुरक्षा के लिए चांदी जैसे एसेट्स की ओर झुकते हैं। यही वजह है कि चांदी को अब Inflation Hedge के रूप में भी देखा जा रहा है।
🧠 निवेशकों की रणनीति
बाजार जानकारों का मानना है कि मौजूदा हालात में चांदी लॉन्ग टर्म निवेश के लिए एक मजबूत विकल्प बनकर उभर रही है। हालांकि, कीमतों में तेज़ उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
👉 विशेषज्ञों की राय:
- अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती बनी रहती है, तो भारत में चांदी ₹3,50,000 प्रति किलोग्राम तक भी पहुँच सकती है।
- कुछ विश्लेषक आने वाले महीनों में 10–15% अतिरिक्त तेजी की संभावना जता रहे हैं।
🏦 छोटे निवेशकों के लिए क्या सही?
छोटे निवेशकों के लिए सलाह दी जा रही है कि वे
✔️ एकमुश्त बड़ी खरीद से बचें
✔️ चरणबद्ध निवेश (SIP या छोटे लॉट) अपनाएं
✔️ MCX, ETF या डिजिटल सिल्वर जैसे विकल्पों पर भी विचार करें
🔮 आगे क्या रहेगा रुख?
विश्लेषकों के अनुसार, अगर वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बनी रहती है और औद्योगिक मांग इसी तरह बढ़ती रही, तो चांदी आने वाले समय में नए रिकॉर्ड स्तर बना सकती है।
सोने की तुलना में सस्ती होने के कारण चांदी अब आम निवेशकों की भी पसंद बनती जा रही है।
📌 निष्कर्ष
कुल मिलाकर देखा जाए तो चांदी इस समय तेजी के मजबूत दौर में है। बढ़ती कीमतें यह संकेत दे रही हैं कि चांदी सिर्फ आभूषण नहीं बल्कि भविष्य का एक अहम निवेश साधन बन चुकी है। आने वाले दिनों में चांदी बाजार निवेशकों के लिए कई नए अवसर लेकर आ सकता है।
